ESIDM

Directorate (Medical) Delhi
Employees' State Insurance Corporation
(श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार)
16अगस्त2018
"Empanelled diagnostic Centers list uploaded under circular section."

हमारे बारे में

हमारे बारे में

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम योजना दिल्ली

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम एक सामाजिक सुरक्षा विधान है जो कि कामगारों को चिकित्सा देखरेख एवं बीमारी, प्रसूति, निःशक्तता तथा रोजगार चोट के कारण मृत्यु होने पर नकद हितलाभ प्रदान करता है।

योजना को संघ शासित क्षेत्र दिल्ली के साथ-साथ कानपुर में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने 24 फरवरी, 1952 को आरंभ किया।

बीमाकृत व्यक्ति और उसका परिवार बीमाकृत व्यक्ति के रोजगार में आने के दिन से चिकित्सा हितलाभ के पात्र हो जाते हैं। उपलब्ध सेवाओं की श्रेणी में निवारक, प्रोत्साहक तथा पुर्नवास सेवाएं शामिल हैं। औषधालयों के माध्यम से बहिरंग सेवाओं के अतिरिक्त क0रा0बी0 अस्पतालों अथवा अन्य अस्पतालों के माध्यम से अंतरंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

दिल्ली में चिकित्सा योजना निगम द्वारा सीधे 01-4-62 से निदेशक (चिकित्सा) दिल्ली के नेतृत्व में एक अलग निदेशालय के माध्यम से चलाई जाती हैं। क.रा.बी. योजना के अंतर्गत प्राथमिक एवं द्वितीय चिकित्सा सेवाएं नोएडा में 04 औषधालयों सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 32 औषधालयों तथा नोएडा में एक अस्पताल सहित दिल्ली में 04 अस्पतालों द्वारा उपलब्ध करवाई जाती हैं। तृतीय अतिविेशेषज्ञता चिकित्सा देखरेख 50 टाइअप अस्पतालों से भी अधिक नेटवर्क के माध्यम से कैशलेस आधार पर सरकारी एवं निजी दोनों संस्थानों द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है। चिकित्सा देखरेख पर व्यय क.रा.बी. निगम और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के बीच 7:1 के अनुपात में शेयर किया जाता है।

निदेशालय (चिकित्सा) दिल्ली का नेतृत्व निदेशक (चिकित्सा) दिल्ली द्वारा किया जाता है जो दिल्ली क्षेत्र का वरिष्ठ राज्य चिकित्सा आयुक्त भी होता है। यह कार्यालय क.रा.बी. औषधालय परिसर, तिलक विहार, नई दिल्ली के व्यापक परिसर में स्थित है। निदेशालय के अलावा इसमें केंद्रीय भण्डार एवं निदेशालय (परिवार कल्याण एवं एच.आई.वी./एड्‌स परियोजना) भी स्थित है। इस निदेशालय में लगभग 200 कर्मचारी कार्यरत हैं।

इतिहास

तत्कालीन प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 24 फरवरी, 1952 (एसिक दिवस) को कानपुर में योजना का उद्‌घाटन किया। विजेन्द्र स्वरूप पार्क स्थल, कानपुर पर पंडित जी ने पं. गोविन्द वल्लभ पंत, मुखयमंत्री, उत्तर प्रदेश, बाबू जगजीवन राम, केंद्रीय श्रम मंत्री, राजकुमारी अमृत, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, श्री चन्द्रभान गुप्त, केंद्रीय आहार मंत्री और डॉ. सी.एल. कटियाल, क.रा.बी. निगम के पूर्व महानिदेशक की उपस्थिति में 70,000 लोगों के विशाल जन समूह को हिंदी में सम्बोधित किया।

योजना को एक साथ दिल्ली में भी प्रारंभ किया गया और दोनों केन्द्रों के लिए आरंभिक व्याप्ति 1,20,000 कर्मचारी थी। हमारे प्रथम प्रधानमंत्री योजना के पहले मानद बीमाकृत व्यक्ति थे और घोषणा प्रपत्र पर किए गए उनके हस्ताक्षर निगम की महत्वपूर्ण धरोहर है।

यहाँ यह उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण होगा कि यह योजना 1944 में जब पहली सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप में विकसित हुई तब यहाँ ब्रिटेन की सरकार थी। प्रो. बी.पी. अदारकर, प्रतिष्ठित विद्वान और स्वप्न द्रष्टा के नेतृत्व में त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन में सामाजिक बीमा पर प्रथम दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। रिपोर्ट का भारत में सामाजिक सुरक्षा योजना के एक सुयोग्य दस्तावेज और अग्रदूत के रूप में स्वागत किया गया और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने प्रो. अदारकर को छोटा बेवरिज के रूप में अभिस्वीकृत किया। सभी जानते हैं कि सर विलियम बोवरिज सामाजिक बीमा के उच्च पुरोहितों में से एक हैं। रिपोर्ट को स्वीकार किया गया और प्रो. अदारकर 1946 तक सक्रिय सहयोगी बने रहे। अपने वियोजन के समय उन्होंने आई.एल.ओ. के विशेषज्ञों द्वारा योजना का प्रबंध कराने की पुरजोर वकालत की। 1948 में लंदन में एक विखयात भारतीय डॉक्टर डॉ. सी.एल. कटियाल ने क.रा.बी. निगम के प्रथम महानिदेशक का कार्यभार संभाला और वे 1953 तक योजना तक योजना को कुशलता से चलाते रहे।

भारत में सामाजिक सुरक्षा के कालवृत में 24 फरवरी एक महत्वपूर्ण दिन है इसके बाद फिर योजना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। क.रा.बी. निगम का प्रतीक चिह्न 'प्रज्वलित दीप' इस योजना की भावना का सच्चा प्रतीक है जो भौतिक तथा वित्तीय दोनों प्रकार से निराशा को आशा में बदलकर और विपत्ति के समय सहायता प्रदान करके कामगारों के असंखय परिवारों के जीवन में रोशनी लाता है।

अपने अस्तित्व के 54 वर्ष के दौरान क.रा.बी. निगम निरंतर सशक्त होता रहा है। इसके लिए प्रो. अदारकर तथा डॉ. कटियाल जैसे व्यक्तियों की प्रतिबद्धता, समर्पण तथा दृढ़ता का ऋणी है।

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 का प्रखयापन उस एकीकृत आवश्यकता आधारित सामाजिक बीमा योजना को समाविष्ट करता है जो बीमारी, मातृत्व, अस्थायी या स्थायी शारीरिक अपंगता, रोजगार चोट के कारण मृत्यु के प्रमाणस्वरूप मजदूरी या अर्जन क्षमता की हानि जैसी आकस्मिकताओं में कामगारों के हितों को संरक्षित करता है। यह अधिनियम कामगारों और उनके आसन्न आश्रितजनों को युक्तियुक्त अच्छी चिकित्सा देखरेख की गारंटी देता है।

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रखयापन के बाद केंद्र सरकार ने इस योजना को चलाने के लिए क.रा.बी. निगम की स्थापना की। उसके बाद यह योजना सबसे पहले 24 फरवरी, 1952 को कानपुर एवं दिल्ली में लागू की गई। इसके अतिरिक्त इस अधिनियम ने प्रसुति हितलाभ अधिनियम, 1961 तथा कामगार प्रतिकार अधिनियम, 1923 के अंतर्गत नियोक्ताओं को उनके दायित्वों से विमुक्त किया। इस अधिनियम के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रदान किए गए हितलाभ अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आई.एल.ओ.) सम्मेलन के भी अनुरूप है।

 
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